पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट ने किया कोरोना वायरस की सबसे पहले और बड़ी मात्रा में वैक्सीन बनाने का दावा

पुणेः कोरोना वायरस ने यहां पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया है। वहीं इसकी दवाई बनाने के लिए दुनिया भर की कंपनियों में भी रेस चल रही है। और इसके ट्रायल्स भी शुरू हो चुके हैं। ऐसे में पुणे में स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के चीफ एग्जिक्यूटिव अदार पूनावाला ने सबसे पहले और बड़ी तादाद में वैक्सीन तैयार करने का दावा किया है। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के चीफ एग्जिक्यूटिव अदार पूनावाला ने कहा, ‘बहुत कम लोग ही इतनी कम कीमत पर कोरोना वैक्सीन का उत्पादन बड़े पैमाने पर कर सकते हैं। वह भी इतनी तेजी के साथ। कोरोना वैक्सीन की पहली खेप के लिए मेरे पास देश-विदेश से कई नेताओं के फोन आ रहे हैं। मुझे समझाना पड़ता है कि मैं ऐसे ही आपको वैक्सीन नहीं दे सकता हूं।’

ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन को तैयार करने के काम में लगी सीरम इंस्टिट्यूट ने अप्रैल में ही वैक्सीन तैयार करने का खुलकर दावा किया था। अब कंपनी में प्रति मिनट के हिसाब से 500 डोज़ तैयार हो रहा है। हालांकि कितनी मात्रा में वैक्सीन तैयार होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। खुद इतनी बड़ी आबादी वाले भारत में वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में पूनावाला भारत और बाकी दुनिया में 50-50 के हिसाब से बंटवारा कर सकते हैं। एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से विकसित की जा रही कोरोना वैक्सीन के परीक्षण के बेहद उत्साहपूर्ण नतीजे आ रहे हैं। बड़ी बात यह है कि एस्ट्राजेनेका को यह वैक्सीन विकसित करने में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया का भी साथ मिल रहा है। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाल ने कहा कि उन्हें क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने के लिए लाइसेंस जल्द मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद 3 फेज का ह्यूमन ट्रायल शुरू किया जाएगा।

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी है। यह अब हर साल 1.5 अरब वैक्सीन डोज तैयार करती है, जिनमें पोलियो से लेकर मीजल्स तक के टीके शामिल हैं। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने इसी भारतीय कंपनी को अपनी कोविड-19 वैक्सीन बनाने के लिए चुना है। पूणे की इस कंपनी ने पहले कहा था कि वह आखिरी आदेश मिलने से पहले ही वैक्सीन बनाना शुरू कर देगी ताकि जब तक सभी अनुमतियां मिलें तब तक अच्छी-खासी मात्रा में वैक्सीन रेडी हो सके।

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