कोर्ट ने लगाई बीएमसी को फटकार, कोर्ट ने कहा कि कंगना से पहले की लिस्ट पर क्यों नहीं तोड़े निर्माण

नई दिल्लीः बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत के मुंबई स्थित दफ्तर में तोड़फोड़ मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जितनी तेजी से कंगना के दफ्तर पर कथित अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की, क्या बाकी मामलों में भी उतनी तेजी से ही कार्रवाई करती है। कंगना ने बीएमसी से अपने ऑफिस की तोड़फोड़ के लिए 2 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। संजय राउत बॉम्बे हाई कोर्ट में आज अपना हलफनामा दाखिल कर सकते हैं। हाई कोर्ट के आदेश पर संजय राउत को इस केस में मुख्य आरोपी बनाया गया है। कंगना और संजय राउत के बीच ट्विटर वॉर के बाद ही कंगना के ऑफिस के कुछ हिस्सों को ध्वस्त किया गया था।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट में कंगना के वकील ने संजय राउत के नाम का भी जिक्र किया था. कंगना के वकील ने दलील देते हुए कहा था कि क्योंकि कंगना ने सत्ता में बैठे हुए लोगों को लेकर कुछ ऐसी बातें कही थी जो उनको नागवार गुजरी इस वजह से कंगना के दफ्तर की ये हालत हुई, जबकि कंगना के दफ्तर पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण नहीं चल रहा था

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